जब से टी-20 क्रिकेट की शुरुआत हुई है, यह पहली बार है कि इंडिया पांच मैच लगातार खेलने के बाद भी एक मैच जीती है। यह पहली बार है कि इंडिया 100 प्लस रन से टी20 मैच में हारी है। भारत जो ये 76 पर ऑल आउट हुआ है, ये इंडिया की हिस्ट्री का सेकंड सबसे घटिया स्कोर है और पावर प्ले में 5 विकेट हमारे निकल गए। मतलब हारजीत क्रिकेट का हिस्सा है। लेकिन गौतम गंभीर की टीम की ऐसी बेइज्जती कि लगता है कि भाई साहब यह हार नहीं था। यह क्रिकेट के नाम पर सरेंडर था। महेंद्र सिंह धोनी के जन्मदिन पर इंग्लैंड ने सिर्फ मैच नहीं जीता है। गौतम गंभीर के घमंड को एक्सपोज कर दिया है। जहां पर उनको लगता है कि वह कुछ भी कर सकते हैं। और हमने इंडियन टीम के वर्ल्ड कप में भी कहा था कि इंडिया वर्ल्ड कप जितनातना डिर्व नहीं करती थी। संजू सैमसन ने अपनी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी इनिंग से आपको वर्ल्ड कप जीता दिया था। गंभीर अगरकर की कुर्सी बचा ली थी। वरना इंडिया से अगरकर और गंभीर का बोरिया बिस्तरा पैक होना तय था। तय था। लेकिन जब आप इतने अनग्रेटफुल होते हैं कि आपको घंटा फर्क पड़ता है तो कर्मा आपका हिसाब करता और आज वही हुआ। मतलब बहुत अफसोस से कहना पड़ रहा है कि इंडिया की बहुत बुरी हार हुई है। आज इंग्लैंड ने 201 रन बनाए। इंडिया 76 पर ऑल आउट हो जाती है। मैच शुरू होने से पहले इंडिया हार गई। और ऐसा लगा कि इंडियन टीम जो है वो स्कूल की टीम है और यह डिर्व करते हैं क्योंकि तिलक वर्मा वाइस कैप्टन बनना डिर्व नहीं करते थे। अक्षर पटेल की कोई गलती नहीं थी। आप तिलक वर्मा की बैटिंग पर इतना भरोसा नहीं करते कि आप अक्षर पटेल को भेजते हैं। आप शिवम दुबे को खिलाते हैं लेकिन हर्षित राणा को ऊपर भेजते हैं। और जब आप ऐसे फैसले लेते हैं तो आप यह डिर्व करते हैं और इसीलिए इंडिया की हार पर एक तरफ दिल में जख्म है। लेकिन लग रहा है यार तुम इसी लायक हो ससुर क्योंकि इंडियन टीम अब खराब अवस्था से गुजर रही है। पिछले चार पांच सालों से लगातार हम नंबर वन थे। लेकिन अब वो खुमारी उतर रही है और वो दिन दूर नहीं है जिस दिन हम नंबर वन से नंबर दो आ जाएंगे। क्योंकि हम खेलने नहीं उतरे थे। हम स्कोर बोर्ड पर नाम लिखवाने उतरे थे। भाई साहब मजाक बन गया हमारी टीम का। 100 प्लस रन से पहली बार हारे। आप सोचो 2006 से खेल रहे हैं। पांच लगातार मैच खेल के जीत नहीं मिली है। मतलब आप क्या बोलोगे? स्टूपिड टीम। स्टूपिड नहीं टीम आपने बनाई है। स्टूपिड कोचिंग, स्टूपिड सिलेक्शन और यह ए्बरेसिंग है। 13 रन बनाकर वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन हाईएस्ट स्कोरर हैं। यह बताने के लिए काफी है कि इंडियन क्रिकेट टीम कितना गंदा खेली है। और यह गौतम गंभीर के साथ पहली बार नहीं है। उन्होंने टेस्ट में कबाड़ा किया था। हम डब्ल्यूटीसी क्वालीफाई नहीं कर पाए थे। ओडीआई में कबाड़ा किया था। विराट रोहित को खत्म करने की सारी कोशिश की गई थी और टी20 में भी यही चल रहा है। हम घर से बाहर निकले। वहां पर छोटी बाउंड्री थी। फ्लैट पिचेस थी। हम आराम से कर रहे थे। अब जब आपने तमीज का सिलेक्शन नहीं किया है। आपने आधी दूरी टीम खिलाई है। मतलब आप लोग क्रिकेट फैन हो। आप दिल पर हाथ रख के बताओ। क्या आपको नहीं पता था कि अगर वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन का विकेट गिरता है तो आप मैच नहीं जीत सकते? मुझे पता था। अगर टॉप टू, टॉप थ्री में से रन नहीं बनते हैं। हमारी औकात नहीं है जीतने लायक। क्योंकि मिडिल ओवर में हमारे पास वो प्लेयर ही नहीं है जो मैच जीता पाए। तिलक वर्मा 11 गेंद पर तीन रन बना रहे हैं। ससुर वाइस कैप्टन बने यार ये शिवम दुबे से ऊपर हर्षित राणा बैटिंग करने आए हैं आप सीरियसली। और आपने उस आदमी को बाहर बिठाया है। उस आदमी को टीम से ड्रॉप किया है जिसने आपको विश्वविजेता बनाया। हमिलेट होगे तो वो भारत की हार नहीं है। वो गौतम गंभीर अजीत अगरकर की हार है। यह समजना पड़ेगा।