इस समय एक ही सवाल पर सबसे बड़ा सस्पेंस है कि आखिर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामने कहां हैं? उनकी जिंदगी का यह सबसे अहम दिन होगा जब वह अपने पिता और अपनी पत्नी की अंतिम यात्रा में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इससे बड़ा दुख 56 वर्ष के इस व्यक्ति के लिए और क्या होगा कि यह अपने पिता की अंतिम यात्रा में जनाजे में शामिल ना हो सके। अपनी पत्नी के जनाजे में शामिल ना हो सके। अपने परिवार के पांच सदस्यों के जनाजे में शामिल ना हो सके। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उन पर हमले का एक बहुत बड़ा खतरा अब भी बना हुआ है। ईरान को डर है कि इस मौके का फायदा उठाकर इजराइल मुजतबा खामनई पर कभी भी हमला कर सकता है। और इसी वजह से पिछले चार महीनों में मुजतबा खामनई ने किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया है। ऐसा ईरान का कहना है। और आपने देखा होगा जब से अली खामनई की मृत्यु हुई है। उसके बाद से मुस्तफा खाम किसी को दिखाई नहीं दिए। किसी ने उनका कोई वीडियो नहीं देखा, कोई तस्वीर नहीं देखी और वो कोई बयान भी जारी करते हैं तो लिखित बयान जारी करते हैं। लेकिन एक और थ्योरी यह भी चल रही है कि मुस्तफा खामई 28 फरवरी को अमेरिका के हमले में बुरी तरह से घायल हो गए थे और इस समय उनका इलाज चल रहा है और शायद वह अब इस अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने की हालत में हैं भी नहीं। यानी वह इतने गंभीर रूप से घायल हुए हैं कि वह कहीं आने जाने की स्थिति में इस समय है नहीं और शायद उनकी स्थिति इतनी खराब होगी वो इस प्रकार से घायल हो चुके होंगे कि वो अपने लोगों को इस स्थिति में उनके सामने आकर उनका मनोबल नहीं तोड़ना चाहेंगे। हालांकि ईरान ने इसकी कोई पुष्टि नहीं की है क्योंकि मुझे याद है जब यह हमला हुआ था तब अमेरिका ने यह जरूर दावा किया था कि इस हमले में अली खामई तो मारे गए लेकिन उनके पुत्र जो है मुजतबा खामई वो भी बहुत बुरी तरीके से जख्मी हुए हैं और वह इस हालत में नहीं है कि वो कहीं भी आ जा सके या कैमरे पर भी अपनी तस्वीर खिंचवा सके। मुजतबा इस समय कहां है? इसका जवाब किसी के पास नहीं। ईरान ने आधिकारिक तौर पर एक बार भी इसके बारे में कोई जानकारी किसी को नहीं दी है कि मुजतबा खामनई कहां है। लेकिन कहा यही जा रहा है कि वह अपने पिता के भी अंतिम संस्कार में नहीं आएंगे।

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