मध्य पूर्व की राजनीतिक आग अब एक वैश्विक युद्ध की शक्ल ले चुकी है। जो लड़ाई ईरान बनाम अमेरिका और इजराइल की थी। उस युद्ध में खाड़ी के लगभग सभी देश झुलस रहे हैं। दुबई, अबू धाबी, रियाद, दोहा, मनामा जैसे शहर जो अपनी लग्जरी और रॉयल जिंदगी के लिए जाने जाते अब ईरानी मिसाइलों की मार से पस्त हैं। यूएस इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च लीडर अली खामिनई की भी मौत हो गई है। खामिनई की मौत को लेकर विश्व के नेता बटे नजर आ रहे हैं। उन्होंने हमलों को जायज ठहराया है। लेकिन खामिनई की हत्या की निंदा की है। रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामिनई की हत्या को जायज नहीं ठहराया जा सकता। इस एक्शन से अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता को नुकसान पहुंचा है। वहीं इस घटना पर चीन के विदेश मंत्रालय का भी बयान सामने आया है। हामिनई पर हमला और उनकी हत्या ईरान के संप्रभुता के साथ खिलवाड़ है। अंतरराष्ट्रीय रिश्तों के लिए बने यूएन चार्टर का उल्लंघन है। चीन इस हमले की घोर निंदा करता है। हमारी मांग है कि सैन्य कारवाई तुरंत रोकी जाए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इन हमलों की निंदा की है। हालांकि शबाज शरीफ ने सिर्फ यूएई के लिए दुख जताया है और ईरान या यूएस के हमलों पर कुछ नहीं कहा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरी शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहन से इस संदर्भ में बात हुई है और हमने इन हमलों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई है। अबू धाबी में पाकिस्तानी नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त करता हूं। पाकिस्तान यूएई के साथ है। तो ईरान पर लगातार अमेरिका और इजराइल हमला कर रहा है। वहीं ईरान भी अमेरिकी सैन्य अड्डों को लगातार निशाना बना रहा है। Post navigation साल का पहला चंद्रग्रहण, क्या करें क्या न करें?