इधर अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से थार डिफेंस सिस्टम हटाया और उधर उत्तर कोरिया ने बैलेस्टिक मिसाइलों की बौछार की। मिडिल ईस्ट की जंग से अमेरिका ईरान 15 दिनों से आमने-सामने है। अब एशिया में नया वॉर फ्रंट खोलता दिखाई पड़ रहा है। उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर 10 बैलेस्टिक मिसाइल दाग कर दक्षिण कोरिया और जापान को सदमे में डाल दिया। तानाशाह किमजोंग की दागी की गई मिसाइलें जापान सागर में गिरी। इस वक्त अमेरिका और दक्षिण कोरिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। ऐसे में उत्तर कोरिया ने मिसाइल दाग कर अमेरिका को ताकत का एहसास कराया। तीन दिन पहले किम जोंग ने खुद क्रूज मिसाइल के परीक्षण की निगरानी की। साथ में ईरान पर अमेरिकी हमलों को घेरा। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में एक के बाद एक वॉर फ्रंट चिंता का सबब बन चुके हैं। मिडिल ईस्ट में भीषण जंग चल रही है। रूस यूक्रेन भी 3 साल से युद्ध में है और अब किम जोंग ने मिसाइल दाग कर अपने इरादे जता दिए। बड़े देशों के बीच टकराव कहीं बड़े युद्ध में ना बदल जाए इस आशंका से दुनिया सहमी है। खार्ग आइलैंड पर हमले का वीडियो सामने आया जिसमें 15 से ज्यादा धमाके दिखाई पड़े। जानकारी के मुताबिक इस हमले के लिए अमेरिका ने B1 बॉम्बर और B2 बमबर लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया। हमले के बाद ट्रंप की तरफ से दिए गए बयान में दावा यह कि खार्क आइलैंड पर सैन्य ठिकानों, जोश सी बेस, एयरपोर्ट के कंट्रोल टार और हेलीकॉप्टर हैंगर को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने दावा किया कि अगला नंबर ईरान की ऑयल रिफाइनरी का होगा। हमले के बाद सेटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई जिसमें खार्क द्वीप में तबाही का मंजर नजर आया। वहीं ईरान ने इस हमले के बाद अमेरिका के ऊर्जा संयंत्रों और तेल कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी। ईरान में खार्क आइलैंड फारस की खाड़ी में स्थित एक छोटा सा आइलैंड। ईरान की इकॉनमी के लिए अहमियत बहुत ज्यादा है। इसे ईरान का क्राउन ज्वेल यानी ताज कहा जाता है। यह द्वीप ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट का मेन टर्मिनल है। ईरान की 90% ऑयल शिपमेंट इसी द्वीप से होकर गुजरती है। यह हमला ऐसे वक्त हुआ जब ईरान ने हॉर्मूस स्टेट को ज्यादातर ग्लोबल शिपिंग के लिए बंद कर दिया। जिससे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। खार्क आइलैंड के तबाह होने से वैश्विक तेल कीमतों में भारी वृद्धि की आशंका है। जंग में पर्दे के पीछे ईरान को पुतिन से मदद मिल ही रही थी। लेकिन अब बात इससे आगे है। बहुत जल्द ईरान के नए खलीफा और रूस के राष्ट्रपति के बीच मुलाकात हो सकती है। रूस में ईरान के राजदूत ने विस्फोटक दावा किया। राजदूत काज़म जलाली ने इंटरव्यू में कहा कि इस साल तेहरान में होने वाले कैस्पियन शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ईरान के नए लीडर मौस्तबा खामने के बीच मुलाकात हो सकती है। तैरान में 12 अगस्त को कैसियन समिट होना है। पर 15 दिन से जारी जंग कब तक खींचेगी किसी को पता नहीं। लेकिन राजदूत की बात से तय कि कार्यक्रम अभी बदला नहीं। अमेरिकी मीडिया में दावा यह कि रूस ईरान को अमेरिकी एयरबेस की सटी की जानकारी दे रहा है ताकि ईरान पिन पॉइंट अटैक करे। इस खुलासे ने अमेरिका में खलबली मचा दी है। युद्ध में पुतिन की भूमिका को लेकर कई संकेत हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने यूएस इजराइल हमलों की निंदा की। अली खामने की हत्या को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। नए लीडर मस्तबा खामने को संदेश भेजकर समर्थन का भरोसा दिया। यानी ईरान और रूस साथी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान को मदद कर पुतिन अपने कट्टा दुश्मन अमेरिका से बदले ले रहे हैं। अमेरिकी सैन्य कमांड सेंट कॉम ने इस दावे को झूठा बताते हुए वीडियो जारी किया है। जिसमें इस यूएसएस अब्राहम लिंकन से फाइटर जेट उड़ान भरते हुए और सामान्य ऑपरेशन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिखाने की कोशिश की गई कि जहाज पर कोई हमला सफल नहीं हुए। इससे पहले ईरान ने अब्राहम लिंकन को अपने हमलों में क्षतिग्रस्त करने का दावा किया था। जबकि अमेरिका ने इसे एक प्रोपगेंडा वीडियो का हिस्सा बताते हुए दावा किया था कि यह एआई वीडियो है। इसके बाद ईरान ने फिर दावा किया था कि उसके हमलों से अब्राहम लिंकन क्षतिग्रस्त हुआ है और इसलिए वह ईरान से दूर चला गया है। लेकिन अब एक बार फिर अमेरिका ने नया वीडियो जारी कर ईरानी दावे को झूठा करार दिया है। यूएस सेंट कॉम ने वीडियो को जारी करते हुए लिखा कि अब्राहम लिंकन पूरी तरह से ऑपरेशन में है। Post navigation LPG.. भारत सरकार ने क्या बताया?