जानकारी ये निकल कर आ रही है कि फज़रा फोर्ट ने अपनी सारी गतिविधियां यहां पर रोक दी है। वजह यह है कि पोर्ट के पास यहां पर स्ट्राइक हुई है और इसी के साथ एक और बड़ी खबर आपको बता दें। फज़रा ऑयल फील्ड में भी आग लग गई है। जानकारी के मुताबिक सुबह आग तब लगी जब इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलवा नीचे गिरा है। यह भी यहां पर बताया जा रहा है कि रानी मिसाइल ने यूएई की फज़रा पोर्ट को हिट किया है। देखिए कि किस तरीके की स्ट्राइक यहां पर की गई है फजेरा में भी बहुत बड़ी स्ट्राइक यहां पर की गई है। ईरान का जो यह मिसाइल अटैक है उसके बाद आप देखिए कि किस तरीके से यहां पर धुआधुआ आपको यह जो टैंक है वो होता हुआ नजर आएगा। यूएई के फुजेरा में यह बहुत बड़ा हमला हुआ है। फिलहाल आपको यह भी बता दें कि फोर्ट ने अपनी सारी गतिविधियां रोक दी है। फोर्ट के पास यह स्ट्राइक हुई है। यह खबर निकल कर आ रही है और इस बीच आपको बता दें ऑयल फील्ड में भी आग लग गई है और आग की लपटें आप देख पा रहे हैं कि किस तरीके से यहां पर भयाव तरीके से ऊपर उठती हुई नजर आ रही हैं। तो देखिए लगता है कि ईरान पर तूफानी हमला करने वाले अमेरिका और इजराइल युद्ध के दलदल में बुरी तरह से फंसते जा रहे हैं। दावों के मुताबिक ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला होने के बाद से रूस ने चेतावनी दे दी है कि अब रूस चुप नहीं बैठेगा। पुतिन ने तो यहां तक कह दिया है कि हम ईरान के लगातार संपर्क में हैं। परमाणु ठिकाने पर बड़ा हमला। 1500 मिसाइलों से ईरानी कोहराम। तीसरे दिन में ईरान युद्ध अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है जहां ईरान अब मरने और मारने पर पूरी तरह से उतारू हो चुका है। जहां पहले राउंड में अमेरिका और इजराइल ने एक तरफ़ा हमले करके सुप्रीम लीडर अली खमनई समेत 48 से ज्यादा टॉप लीडर्स और कमांडर्स को मार डाला। तो वहीं अब ईरान ने पिछले तीन दिनों में 1000 मिसाइल और ड्रोन से इजराइल और पश्चिमी एशिया में फैले अमेरिका के दर्जनों सैन्य अड्डों पर भीषण हमले किए हैं। हालात यह हो गए हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप भी यह मानने को मजबूर हो गए हैं कि युद्ध दो हफ्ते से ज्यादा चल सकता है। खबर तो यहां तक है कि बौखलाए अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकाने नताज पर भीषण हमला किया है। जिससे रेडिएशन का खतरा पैदा हो गया। दावा तो यहां तक किया गया है कि ईरान ने अपनी खैबर शेकेन और फत्ताह दो जैसी घातक मिसाइलों से हमले कर दिए हैं। इजराइल की राजधानी तेल अवीब में 40 से ज्यादा इमारतों को ईरान ने अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों से उड़ा दिया। यरूशलम में भी ईरान के तूफानी हमलों से भारी तबाही हुई है। अब तक युद्ध में अमेरिका के कई जेट गिर चुके हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय का यहां तक दावा है कि अमेरिका के कई जेट गिरे हैं। हालांकि कुवैत ने संख्या नहीं बताई है। कुल मिलाकर मिडिल के आठ देश ईरान की बदले की आग में जलने लगे हैं। हम शुरुआत करते हैं अमेरिका और इजराइल के उस तूफानी हमलों से जिसकी वजह से पश्चिमी एशिया में परमाणु जंग का खतरा पैदा हो गया है। ईरान के परमाणु ठिकाने पर हमला नेतanaू के दफ्तर पर निशाना। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और ऑपरेशन रोिंग लयन में ईरान ने तांडव मचा रखा है। राइटर्स के हवाले से खबर आ रही है कि अभी तक ईरान में 255 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। तेहरान के पश्चिमी इलाके में सबसे ज्यादा अमेरिका और इजराइल ने हमले किए हैं। खबर तो यहां तक है कि इजराइल और अमेरिका ने ईरान के नताज परमाणु ठिकाने पर भीषण हवाई हमला किया है। रेडिएशन की चेतावनी देते हुए ईरान ने दावा किया है कि इजराइल के हमले से पूरे इलाके में परमाणु रेडिएशन किसी भी वक्त शुरू हो सकता है। पिछले 72 घंटे में दोनों तरफ से हजारों मिसाइल, बम और ड्रोन एक दूसरे पर दागे जा चुके हैं। जरा यह आंकड़े देखिए। पिछले 72 घंटों में अमेरिका और इजराइल ने ईरान के भीतर ढाई हजार से अधिक ठिकानों पर बमबारी की है। पहले 24 घंटों की रिपोर्टों के अनुसार केवल पहले दिन अमेरिका ने 900 और इजराइल ने लगभग 1200 हवाई हमले किए हैं। ईरान के तेहरान, इसहान, कोम, करज और केरमान शाह जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया है। इजराइल के 200 से अधिक लड़ाकू विमानों जिसमें F35 और F1-15 ने सैकड़ों टन सटीक हथियार और लगभग 500 से अधिक बड़ी मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी युद्धपोतों और पनडुब्बियों ने 1000 से अधिक टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागी हैं। अमेरिका ने अपने बी2 स्टीलथ बमबर से 14 GB57 बम गिराए। यह दुनिया के सबसे बड़े बम है जो जमीन के नीचे गहराई में बनी परमाणु सुविधाओं जैसे फोर्डों और नताज को तबाह करने के लिए उपयोग किए गए हैं। दावा तो यहां तक किया गया है कि ईरान के परमाणु ठिकाने नताज पर अमेरिका के हमलों से भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप हैज़ ऑल द लैटीट्यूड इन द वर्ल्ड टू टॉक अबाउट हाउ लॉन्ग मे टेक फोर वीक्स टू वीक्स सिक्स वीक्स इट कुड मूव अपूव बैक वी आर गोइंग एक्सक्यूट एट ह कमांड द ऑब्जेक्टिव सेट आउट टू अचीव एंड व्हाट ही इज़ शोन एबिलिटी प्रेसिडेंट सीन जो लुक फॉर ओपोरर्चुनिटी एंड ऑफ एंड एस्कलेशन फॉर द यूनाइटेड स्टेट्स क्रिएट न्यू ओपोरर्चुनिटी टू एक्सक्यूट व्हाट वी नीड ऑन आवर ओन टाइम ईरान का तूफानी पलटवार खौफ में ट्रंप चार हफ्ते चलेगा युद्ध दूसरी तरफ ईरान ने भी इजराइल और अमेरिका के सैन्य अड्डों पर तूफानी हमले किए हैं। कतर, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, यूएई, साइपरस और तुर्की में आज ईरान ने इतने तूफानी हमले किए हैं जिन्हें देखकर राष्ट्रपति ट्रंप बुरी तरह से बौखला गए हैं। ट्रंप ने माना कि यह जंग दो हफ्ते से लेकर चार हफ्ते तक चल सकती है। हैरानी की बात तो यह है कि जिस ईरान को पहले राउंड के हमलों में हराने का दावा कर रहे थे, वह अब लंबे युद्ध का अनुमान लगाने लगे हैं। कुवैत में तीन F1-15 स्ट्राइक ईगल जेट अमेरिका के गिर चुके हैं। दावा किया जा रहा है ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका के जेट मार गिराए हैं। लेकिन कुवैत के रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि तीन अमेरिकी F1-15 ई फ्रेंडली फायर में तबाह हुए हैं। हालांकि पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं। अगर हम हवाई हमलों के हिसाब से ईरानी हमला करने की क्षमता को देखें तो वाकई ईरान ने कोहराम मचा दिया है। ईरान ने इस वक्त 700 कि.मी. दूर इराक में अमेरिकी अड्डों पर हमले तेज कर दिए हैं। 750 कि.मी. दूर कुवैत पर ईरान ने ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। 1050 कि.मी. दूर बहरीन के मनामा में ईरान ने अमेरिका के नौसैनिक अड्डे पर हमला किया है। 1150 कि.मी. दूर क़तर पर सबसे भीषण हमला ईरान ने किया है। यहां पश्चिमी एशिया में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डे को ईरान ने तबाह कर दिया है। 1280 कि.मी. दूर यूएई में भी ईरान के हमलों से भारी तबाही हुई है। 1300 कि.मी. दूर सऊदी अरब की आरामको तेल कंपनी पर ईरान ने तूफानी हमला किया है। इससे सबसे बड़ी रास तनूरा रिफाइनरी को भीषण नुकसान हुआ है। 1460 किमी दूर जॉर्डन में भी ईरान के हमले से भारी नुकसान हुआ है। 1500 किलोमीटर दूर ओमान में ईरान ने अमेरिकी ठिकाने पर ड्रोन से हमला किया है। अगर बात करें इजराइल की तो ईरान ने 1550 कि.मी. दूर इजराइल के कम से कम छह शहरों पर तूफानी हमले किए हैं। अकेले राजधानी तेल अवीफ की 40 इमारतों को ईरान ने ध्वस्त कर दिया है। जबकि 1750 कि.मी. दूर साइपरस में फ्रांस के अड्डे पर भी ईरान ने मिसाइलों से हमले किए हैं। कुल मिलाकर ईरान ने साबित कर दिया है कि भले ही अमेरिका और इजराइल ने उसका ऐतिहासिक नुकसान किया है, लेकिन ईरान आखिरी दम तक मुकाबला करेगा। Post navigation साल का पहला चंद्रग्रहण, क्या करें क्या न करें?